आरटीओ होशंगाबाद में भयानक फर्जीवाड़ा राष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़े षड्यंत्र की संभावना


होशंगाबाद - जैसा कि ज्ञातव्य है प्रदेश के आरटीओ कार्यालय अमूमन एजेंटों के भरोसे ही चलते हैं अनेक बार समाचार भी प्रकाशित हुए जिसमें सूरदास के साथ ही दिव्यांग अभ्यार्थियों के भी लाइसेंस बना दिए गए इसके बाद भी प्रदेश के आरटीओ विभाग आज भी उसी तर्ज पर चल रहे हैं जहां तेजतर्रार और कर्मठ अधिकारी पदस्थ हैं वहां पर कभी-कभी इस प्रकार की अनियमितताओं पर अंकुश लगते हुए भी देखा गया है ऐसा ही एक उदाहरण होशंगाबाद आरटीओ कार्यालय में सामने आया है जिन्होंने कुछ दिनों पूर्व ही फर्जी दस्तावेजों से आरटीओ रजिस्ट्रेशन करवाने का मामला पकड़ा था।


ताजा मामला एजेंट के मार्फत फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाइसेंस बनवाने का आया है जिसके कारण प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है बताया जाता है कि यह लाइसेंस एक ही समुदाय के लोगों द्वारा एजेंटों के मार्फत स्थानीय आरटीओ कार्यालय में बनवाए जाने की प्रक्रिया में शामिल थे लेकिन वर्तमान आरटीओ मनोज तेंगुरिया को शक होने पर जब उन्होंने छानबीन की तो मामला पकड़ में आया अपराधियों के खिलाफ थाने में एफ आई आर दर्ज कर दी गई है वही जनमानस में इस बात की मांग की जा रही है कि संबंधित एजेंट के खिलाफ भी मामला दर्ज करवाया जाए जो इस फर्जीवाड़े में शामिल था।


वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव ए पी रावत में इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण को देखने पर प्रथम दृष्टया किसी बड़े षड्यंत्र की बू आ रही है और होशंगाबाद ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश के आरटीओ को इस मामले में सतर्क किया जाना चाहिए और होशंगाबाद के साथ ही परिवहन विभाग को वहां भी  पिछले 1 वर्ष के दौरान बनाए हुए लाइसेंस रजिस्ट्रेशन आदि आदि की जांच उच्च स्तर पर करवाना चाहिए।



वही रावत ने आरटीओ होशंगाबाद पर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का आरोप भी लगाया है उनका कहना है कि नर्मदा एवं तवा नदी से हो रहे अवैध उत्खनन के साथ ही जिले में विभिन्न नदियों में हो रहे अवैध उत्खनन में संलग्न डंपर एवं ट्रैक्टर ट्राली बगैर रजिस्ट्रेशन के ही परिवहन कर रहे हैं वहीं के ड्राइवरों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है अनेक ड्राइवर बगैर प्रशिक्षण बगैर लाइसेंस के ही बड़े बड़े वाहनों को संचालित करने का काम कर रहे हैं जिससे आए दिन जिले में दुर्घटनाओं के कारण आम नागरिक काल के गाल में समा रहे हैं उनका कहना है कि जिला मुख्यालय पर आरटीओ की नाक के नीचे कृषि कार्य के लिए अधिकृत ट्रैक्टर ट्राली कैसे व्यवसाय कार्य में लगी हुई है इसकी भी जांच होना चाहिए पिछले वर्ष आरटीओ एवं थाना होशंगाबाद के मध्य लगभग 10 प्रकरणों में इसी प्रकार का मामला कानूनी कार्रवाई हेतु लंबित है आखिर क्या कारण है कि इस प्रकार के प्रकरणों में सख्त कार्यवाही किए जाने से परहेज किया जाता है।


शिव मोहन सिंह  पंच सरपंच समाचार भोपाल